शार्ट बेडटाइम स्टोरीज || short bedtime stories in hindi

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है short stories for kids in hindi के बारे मे हमे यकिन है | kids bedtime short stories  बहुत पसंद आयेगा | bedtime stories in hindi

 

 

short bedtime stories in hindi

 

short bedtime stories in hindi

 

दोस्तो आज आपको एक येसी कहाँनी बताने वाले है जो कर्म पे निर्भय करती है । कर्म में बहुत ताकत होती है जो लोग कर्म नहीं करते वो लोग आज पीछे रह गये है । जिन लोगो ने कर्म कीया है वो लोग आज जिवन में कामीयाब बन गये है ।

एक दीन की बात है जो गांव मे एक व्यक्ती बहुत चतुर था उस के पास कही सारे खेत थे । दीन रात वो काम करता था । कभी काम करने में पीछे नहीं हतता था । उसे पशु पालने का बहुत शोख था। वो अक्सर अपने खेत में पशु को ले जाया करता था । पशु को कुच बिमारी लग जाने के कारण वो धिरे धिरे मरने लगे । उस व्यक्ती के पास कम पशु रह गये थे वो बहुत चिंत्ती था । वो व्यक्ती पहाडी पे एक बाबा रहा करता था उस के पास जाके सारी समस्या की बात की ।

बाबा ने उस व्यक्ति को कहा बेटा तुम्हे एक काम करना है तुम्हे कर्म करना है । तुम्ह दीन में जो भी कमाते हो उसका आधा हिसा गरीबो में बात दीया करो । उस का परिणाम तुम्हे एक दीन जरुर मिलेगा । उस व्यक्ती ने बीना सोचे अपने काम में लग गया । दिन रात मेहन्त करता है उस से जो भी पैसा मिलता है उसे गरीबो में बात देता है । येसा करते करते दो महीने हो गये लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला । वो व्यक्ती फिर से उस बाबा के पास जाता है । बाबा ने उस व्यक्ती से कहा तुम्हे बस कार्य करना है परिणाम के बारे में नहीं सोचना है ।  

अब वो व्यक्ती पुरी निष्टा से अपना काम करने लागा । उसे अच्छा परिणाम मिल ने के लीये पुरा एक साल लग गया । उस एक साल में उस के कोई पशु नहीं मरे लेकिन । उस के पशु दो गुने हो गये ।

जितने भी मादा पशु थे वो उसे नन्हे बच्चो को जनम दीया । खेत में अच्छी फास्ल लगी । उसे खेत से काफी अच्छा मुनाफा हुवा । उस व्यक्ती ने एक अच्छी सी सुंदार कनीया देख के शादी कर लीया । वो जिवान में बहुत खुश था उस के पास धन और दोलात सब कुच थी । वो व्यक्ती फिर से उस बाबा को मिलने के लीये जाता है । बाबा के पैर छुता है और खुशी से कहता है बाबा आज में बहुत खुश हु आपने मुझे नया जिवान दीया है । आपने जो कहा था वो मेंने कीया उस का परिणाम मुझे बहुत अच्छा मिला है ।

आज मेरे पास सब कूच है आज में हर दीन आपकी कही बात को पालन करता हु । में हर दीन गरीब को खाना खिलाने के बाद में खुद खाना खाता हु । मेरा घर और संसार बहुत अच्छी तरहा से चलता है । मेरा जिवान ध्यान्य हो गया आपकी बजह से ।

बाबा ने कहा यह तुम्हारा बडपन है जो तुम्ह आज जो कुच भी हो वो तुम्हारी मेहनत के कारण है । तुमने मेह्न्त कीया है इस लीये आज तुम्हे अच्छा फल मिला है ।  

 

मोरल :- हमे जीवन में यह बात याद रखनी चाहीये हमे खुद को खुश रहना है तो दुसरो को कभी निराश नहीं करना चाहीये । खुद के बारे ना सोच के हमे दुसरे के बारे में भी अच्छा सोचना चाहीये । जिवान में हमारे साथ कही उतार चडाव आते रहते है ।

उसका समना करना है पिछे नहीं हतना है । हमे कर्म करते रह्ना है इस का परिणाम हमे एक ना दीन जरुर मिलता है ।  

 

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दादी माँ – हिंदी कहानी || moral of the story dadi maa

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Moral of the story Dadi Maa  के बारे मे हमे यकिन है। Dadi Maa Ki Kahani बहुत पसंद आयेगा | Best Moral Story in Hindi 
 

 

Moral of the story Dadi Maa

 

 

Moral of the story Dadi Maa

 

एक शहेर मे बंटी अपने पापा और माँ के साथ रहता था। पापा ने बंटी से कहा आज दादी माँ आने वाली है। यह बात पता चलते ही बंटी बहुत खुश हो गया। बंटी अब सभी लोगों को परेशान करने लगा।
बस एक ही बात लेके बैठ गया दादी माँ कब आयेगी। माँ और पापा बंटी के यह प्रक्ष न का जवाब देके थक गए थे। माँ कहती है बेटा दादी माँ को आने के बाद आराम करने देना। दादी माँ को परेशान मत करना। 

लेकिन बंटी किसी की सुनने वालो मे से नही था। बातो बातो मे समय का पता नही चला। पापा दादी माँ को लेने के लिये चले गये।अब बंटी घर के दरवाजे पे खड़े खड़े दादी माँ का इंतजार कर ने लगता है। समय ज्यादा होने लगा था लेकिन दादी माँ नही दिखाई दी। 

बंटी माँ को पूछने के लिए चला गया अभी तक दादी माँ क्यु नही आई। उस वक़्त पापा घर मे आये और बैठ गये। बंटी पूछता है पापा दादी माँ कहा गई आप क्यु अकेले आये हो। तब पापा ने बंटी से कहा बेटा दादी माँ सुरेश काका के घर रुक गई। तुमह दादी माँ को बहुत परेशान करते हो ना इस लिये दादी माँ नई आई।
बंटी जोर जोर से रोने लगता है। उस वक़्त दादी माँ कुछ बोलती है। बंटी गुमके देखता है। तो दादी माँ दिखाई देती है। बंटी तुरंत दादी माँ के पास जाता है और कहता है आप तो सुरेश काका के घर रुक गई थी ना। तब दादी माँ ने कहा मे तो नीचे गेट पे वॉचमेन के साथ बात कर रही थी। तुमहारे पापा ने मस्ती किया है तुम्हारी साथ। 

अब बंटी दादी माँ के साथ बैठ गया। दादी माँ ने बहुत सारे खिलौने दिये। दादी माँ बंटी को कहाँनी सुनाने लगी। बंटी कहाँनी सुनते हुवे सो गया। 
मोरल — दादी माँ हमेशा अपने बच्चो का खयाल रखती है। चाहे कितनी भी उम्र हो गई हो लेकिन बच्चो के प्रति प्रेम हमेशा रहता है। 

moral stories in hindi in 150 words

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Moral stories in Hindi in 150 words के बारे मे हमे यकिन है। short story in hindi बहुत पसंद आयेगा | top 10 moral stories in hindi

 

 

Moral stories in Hindi

 

 

Moral stories in Hindi in 150 words

 

एक महिला शिवजी की भक्त थी हर सोम वार को शिवजी के मंदिर जाया करती थी। एक दिन हुवा युकी उस महिला को शिवजी को अर्पित करने के लिये फूल नही मिल रहे थे। इस लिए वो कही जगह पे फूल तोडने ने के लिये चली गई। 

उस महिला को एक घर के बगल मे बाग दिखा। उस बाग मे कही सारे फूल खिले हुवे थे। महिला को उस बाग मेसे गुलाब का फूल बहुत अच्छा लगा। वो महिला गुलाब का फूल तोड़ने के लिये जैसे ही हाथ आगे करती है। तब वहा पे एक जादूगरनी आ जाती है। 

जादूगरनी ने उस महिला को शार्प दिया तुम्ब भी एक गुलाब का फूल बनके रह जावोगी। वो महिला बहुत रोने लगी। अब मे मेरे घर कैसे जावूगी अब मेरे शिवजी की पूजा कैसे करुगी। वो यह कहके बहुत रोने लगी। 

जादूगरनी ने कहा देखो अब मैने यह जादू किया है वो मे वापस तो नही ले सकती हु। लेकिन हा तुम्ह हर दिन शिवजी की पूजा करने के लिये जा सकोगी। हा और शिवजी का कोई भक्त यहा से तुम्हारा फुल तोड़के शिवजी को अर्पित किया तो तुम्ह तुम्हारे अश्ली रूप मे आ जावोगी। 

अब महिला हर दिन शिवजी को गुलाब का फूल अर्पित करती है और वापस उस जादूगरनी के बाग मे गुलाब का फूल बनजाती है। हर दिन वो महिला गुलाब का फूल शिवजी को अर्पित करती है। तब एक आदमी सोच ता है यह महिला गुलाब का फुल कहा से लाती है। 

उस आदमीं ने वो महिला को पूछा आप कहा से ये गुलाब का फूल लाती हो। मुझे तो यह कही पे भी नही मिलता है। तब उस महिला ने कोई जवाब नही दिया। और वहा से चली गई। उस आदमीं ने दूसरे दिन उस महिला का पीछा किया और गुलाब का बगीचा धुंध लिया। 

अब वो आदमीं ने गुलाब का फूल तोड़ के शिवजी को अर्पित किया। वो महिला अब पुराने रूप मे आ गई और उस आदमी को धनियवाद किया। जादूगरनी ने उस अदमीको पूछा आपने यह कैसे किया यह गुलाब का फूल कैसे तोडा। 

तब वो आदमी कहता है सभी गर्दन के फूल मुजाये हुवे थे मुझे इस फूल मे ताजगी देखने को मिला। इस फूल मे जान देखने को मिला। इस लिये मैने यह फुल को तोड़ लिया। 

अब यह बात सुनके जादूगरनी के किये पे पस्तावा होने लगा। अब वो किसी को परेसान नही करती है। 

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नैतिक कहानियाँ ॥ moral story in hindi for student

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Moral story in hindi for student के बारे मे हमे यकिन है। short moral story in hindi बहुत पसंद आयेगा |


चतुर लड़का – moral story in hindi for student

 

एक गाँव मे चिराग करके लड़का था वह अपनी माँ के साथ अक्सर बाजार मे सब्जिया लेने के लिए जाता था। लेकिन बाजार मे जाते ही चिराग खिलौने की दुकान मे चला जाता है। 

माँ दुकान से सब्जिया लेके चिराग को खिलौने की दुकान से बुला लेती है। चिराग माँ को कहता है मुझे खिलौने ले दो। लेकिन माँ एक ही बात कहती है हर बार की तरहा आज भी पैसे सारे खर्च हो गये। सब्जिया तो कुछ आयी नही हैं कैसे यह महिना निकालेेंगे। 

चिराग स्कूल मे अपनी टीचर को कहता है मेरी माँ के सारे पैसे खर्च हो जाते है लेकिन सब्जिया कम ही आती है। ऐसा क्यु होता है सब्जिया बहुत महागि हो गई है। मेरे दोस्तो तो मुझे कहते है हमारी माँ तो बहुत सारी सब्जिया खरीदती है। 

तब टीचर ने चिराग को कहा। तुम्हारी माँ ने कितने तक की पठाई किया है। चिराग ने कहा मेरी माँ ने तो किताबे भी नही दिखी थी। और माँ खरीदी करती है तब तुम्ह कहा पे होते हो। तब चिराग कहता है मे खिलौना देखने के लिए चला जाता हु। 

टीचर ने कहा अबकी बार अपनी माँ के साथ रहना और सब्जिया का कितना वजन होता है और कितना पैसे लगते है वो देखना। चिराग ने टीचर की यह बात अच्छी तरहा से मान लिया। 

अब चिराग माँ के साथ बाजार मे जाता है पहले तो सभी दुकान मे सब्जिया का भाव पूछ लेता है। जब दुकान मे सब्जिया लेता है उस का वजन भी देखता रहता है। 

जब दुकान दार कम सब्जिया टोलता है और ज्यादा पैसे लेते है तब चिराग तुरंत दुकान दार को कहता है हमे आपके पास से सब्जिया नही लेना है। और सभी को यह बात बता देता है। 

अबसे चिराग कम पैसे मे ज्यादा सब्जिया माँ को खरीद कर दे देता है और माँ चिराग की यह चतुराई देखते हुवे चिराग को एक खिलौना खरीद कर दे देता है। 

Moral stories:- जीवन मे कभी भी अनियाय सेहैना नही है आप कही भी अनियाय होके देखते है तो उस को सही करने की कोशिश करे। 

 

 

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नैतिक कहानी || moral of the story of 1.2

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है moral of the story के बारे मे हमे यकिन है। short moral stories in hindi बहुत पसंद आयेगा |

short moral stories in hindi

एक दुकान पे एक बुठा व्यक्ति खडा हुवा था तब एक अमीर व्यक्ति वहा पे आता है। तब उस बुठे व्यक्ति को भिखारी समाज कर पीछे हटने को कहता है और अपने लिये कुछ खाना औदर करता है।  खाना औदर करने के बाद वो व्यक्ति पीछे जाके बैठ जाता है। थोडी देर के बाद दुकान दार खाना देता है। वो अमीर व्यक्ति खाना खाता है। तब वो बुठा व्यक्ति भी आके उस पैलेट से खाना खाने लगता है। 
दोनो एक दूसरे की तरफ देख ते हुवे खाते जा रहे थे। खाना खाताम होने के बाद अमीर व्यक्ति कहता है ये तुमने क्या किया मेरे मे से क्यु खाया तुमने। तब दुकान दार फिर एक पैलट लता है। तब अमीर व्यक्ति पूछ ता है ये क्यु लाये। तब दुकान दार कहता है ये अपने ओडर किया था वो यह है। ये पैलट तो इस बुठे 
बठे व्यक्ति की थी। यह व्यक्ति आपके पहले आके ओडर दिया था। इस लिये हमने इसे पहले दिया है।  तब वो अमीर आदमी उस बुठे व्यक्ति से पूछता है अपने मुझे पहले क्यु नही बताया। तब वो बुठे व्यक्ति ने कहा मुझे लगा की आपको भूख लगी होगी इस लिये खा रहे हो। 
यह बात सुनके अमीर व्यक्ति का सारा धमद टूट गया। और उस बुठे व्यक्ति से माफी मांगी और खाने का बिल दुकान दार को दे दिया। 
Moral story:- कभी भी अपने आपपे घमंद नही करना चाहिये। एक ना एक दिन टूट जाता है। 

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short moral stories in 300 words

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Short moral stories in 300 words के बारे मे हमे यकिन है।150 words story in hindi  बहुत पसंद आयेगा |short story in hindi 100 words

 

 

 

 

माँ की प्यारी सीख short moral stories in 300 words

 

 

एक छोटे से घर मे माँ और चिंटू रहते थे। चिंटू माँ का लाडला बेटा था और माँ की हर कही बातो का पालन करता था। चिंटू हर दिन माँ को घर के काम काज मे मदद करता था। 

एक दिन माँ को बाजार सब्जिया लेने के लिए जाना था और माँ ने थेर सारे लडडू बनाने के रखे थे। माँ ने चिंटू को कहा बेटा मे बाजार जाके आती हु। अपनी पठाई लिखाई खतम करके। लडडू खा लेना। 

चिंटू पठाई लिखाई करता है लेकिन उसे लडडू दिखाई देते है। अब चिंटू को लडडू खाने का मन होने लगा। चिंटू पठाई छोड़के लडडू खाने लगा। चिंटू धीरे धीरे करके बहुत सारे लड्डू खा गया। अब चिंटू को निंद आने लगी। चिंटू सो गया। 

थोड़े समय के बाद माँ घर आती है। चिंटू सो रहा होता है। माँ की नजर लडडू पे गई सारे लडडू खतम हो गये थे। अब माँ चिंटू को उठाती है। चिंटू उठते ही अपनी नजर सीधे घड़ी पे जाती है। चिंटू समय देखते हुवे रोने लगता है। 

क्यु की समय ज्यादा हो गया था और चिंटू की पठाई लिखाई बाकी थी। माँ ने चिंटू को कहा अब तुम्ह बिना समय गवाये पठाई लिखाई करने लगो। थोड़े समय के बाद चिंटू ने पूरी पठाई कर लिया। माँ ने चिंटू को पुछा इस से तुम्हे क्या सिख मिली। 

 

सिख: — चिंटू कहता है लालच अच्छी बात नही है ज्यादा लालच करने से हमे नुकसान होता हैं। 

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बच्चो के साहस की कहाँनी ॥ courage stories in hindi short with moral

 

 

Courage stories in Hindi short with moral

 

एक दिन रामु किसी काम से बाजार जाता है। वहा पे दुकान से खाने के लिये बिस्कीट लेता है। तब कुच्छ बदमास् लड़के रामु को परेशानं करने लगते है और रामु से बिस्कीट ले लेते है। 
रामु रोते रोते घर चले जाता है। इस तरहा से हर दिन रामु को बदमास् लड़के परेशान करते रहते है और रोते रोते घर चला जाता है। तब एक बुजुर्ग दादाजी ने उस रामु को पास बुलाया और पुच्छा हर दिन क्यु तुम रोते हुवे जाते हो। तब रामु ने उस दादाजी को बदमास् लड़के के बारे मे बताया। 
दादजीने रामु की बात सुनके रामुको कहा बेटा इस तरहा तुम्ह हर दिन रोते हुवे घर जाते हो । बड़े होके भी इस तरहा घर जावोगे क्या उन बदमास् लड़के का सामना करोगो। तब रामु कहता है वो लोग मुझसे बड़े है मे कैसे उन लोगो का सामना करू। 
तब दादाजी ने रामु को कहा बेटा हिम्मत और साहास किया हुवा कार्य हमेशा सफल होता है। तुम्हे भी साहास दिखाना होगा। तुम्हे बहादुरी से उन लोगो का सामना करना होगा। रामु ने सोच लिया मे वो बदमास् लड़के का सामना करुगा।
 
दूसरे दिन रामु बिस्कीट के पैकेट मे लाल किडी भरके के गया। वो बदमास् लड़के उस रामु से बिस्कीट लेते है और बिना देखे बिस्कीट के पैकेट खोलते है और तुरंत उस लड़के के हाथ पे किडी चड जाती है और उसे किडी बहुत डंक मारती है। तब बादमास लड़के ने रामु से माफी मांगी। इस तरहा से रामु ने बहादुरी से सामना करते हुवे गुमने फिरने मे आजादी मिल गई। 
मोरल :– हमेशा बहादुरी से जो कार्य करते है उस मे सफल होते है। 

 

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मेहनत करने की कहानी ॥ short story on hard work with moral in hindi

दोस्तो आज इस पोस्ट मे हम hard work story बताने वाले है। मुझे यकीन है हार्ड वर्क की कहानी आप्को पसंद आयेगी।

 

Short story on hard work with moral in Hindi

 

एक रामु चाचा था वो अपने गाँव मे सब्जीया और फल बेचता था। और साम के समय पास के गाँव मे भोले राम के बगीचों मे काम करता था। रामु चाचा बहुत मेहनत करते थे दिन रात बगीचों मे काम करते थे। 

एक दीन रामु चाचा ने सोचा काश ये बगीचा मेरा होता। लेकिन रामु चाचा के पास इतने पैसे नही थे। रामु चाचा बहुत मेहनत करते थे। सुबह गाँव गाँव जाके सब्जीया बेचता था और बगीचों मे काम खत्म हो जाने के बाद बोले राम के घर साफ सफाई मे लग जाता था। 

एक दिन वहा पे एक आदमी आया वो पूछता है भोले राम घर पे है। मे मिलना चाहता हु। रामु चाचा ने उस आदमी से कहा मे अभी बुलाके लाता हु अप यही बैठो। 

रामु चाचा अपने मालिक भोले राम को बुलाके लाते है। और उस आदमीं ने भोले राम से कहा मे आपका बगीचा खरीद ना चाहता हु। भोले राम ने कहा 500rs मे बेचु गा। उस आदमीं ने थोड़े पैसे कम करने को कहा लेकिन भोले राम ने नही किये। 

रामु चाचा घर जाके सोच ने लगा क्यु ना ये बगीचा मे खरीद लु। लेकिन मेरे पास इतना पैसा नही है। लेकिन रामु चाचा ने सुबह होतेही भोले  राम से बात करने के लिये गया। रामु चाचा ने भोले राम को कहा मे ये बगीचा खरीद ना चाहता हु। लेकिन मेरे पास इतने पैसे नही है। 

बोले राम ने कहा मे कुच दिन के बाद मे अपने बेटे के पास चाला जावु गा। तुमने  इस बगीचों मे बहुत काम किया है इस लिये मे तुम्हे 300rs मे दे दूंगा। रामु चाचा ने कहा मेरे पास अभी 200rs है आपको मे कुच दिन के बाद 50 -50 करके दे दूंगा। 

अब रामु चाचा दिन रात मेहनत करते है। सुबह सब्जीया बेच ने के लिये जल्द से जल्द चाला जाता है। और शाम के समय बगीचों मे काम करता है। 

रामु चाचा बहुत हार्ड वर्क करने लगे। कुच ही दिन मे रामु चाचा ने भोले राम को पैसे लौटा दिये। और बगीचा अपने नाम कर लिया। रामु चाचा का बरसो का सपना पुरा हवा। 

मोरल : अपनी मेहनत एक दिन हमे सफल बनाती है।

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भटकती आत्मा की कहानी || moral of the story pret in the house

 Moral of the story Pret in the house

 

Moral of the story

 

दोस्तो आज हम ऐसी कहानी बताने जा रहे है जो साँची है हमने खुद देखा है। 

हमारे घर के सामने एक घर था। वो एक खेत मे बनाया गया था। कुच समय तो घर मे जैसे तैसे निकाल दिये। लेकिन उस घर में तीन लोग रहते थे। उस घर मेसे लड़के को जब साम के समय घर आ रहा था तब उसे एक खरगोस दिखा वो लड़का उस खरगोस को पकड़ ने के लिये गया लेकिन पकड़ नही पाया और घर लोट गया। 

दूसरे दिन से वो लड़का अजीबो गरीब हरकत करने लगता है। ज्यदा खाना खाता है। खाना खाने के बाद थोड़ी देर से फिर से खाना खाने के लिये मांगता है और किसी से बात नही करता है। घर के लोगो ने एक बाबा को बोला या। बाबा ने मंत्र जाप करके पता लगाया। इस के अंदर सेतान है। 

बाबा ने उस के अंदर से सेतान को भागा दिया। अब वो पहले जैसा हो गया। कुच समय तक तो अच्छी तरहा से रहा लेकिन उस के अंदर फिर से सेतान आ गया। आखिर कार उसे खुद  से ही अपनी जान ले बैठा। सभी परिवार मे उदासी का माहोल सा छा गया। 

अब घर मे माँ और बेटी रहती थी। उसे अपने घर मे अजीब आवाज सुनाई देने लगती है। घर के दरवाजे कोई ठोक रहा है ऐसा लगता है बाहर जाके देखते है तो कोई नही देखता है। घर के छत पे कोई चल रहा है और छत पे कोई ठोक रहा होता है। 

इसी बीच मे लड़की की मुत्यु हो जाती है। माँ अकेली रह जाती है। माँ बहुत उदास हो जाती है। कही समय निकल गया लेकिन माँ को बी डर लगने लगता है। कोई दरवाजा पे कोई बुला रहा है। घर की छत पे कोई आवाज लगाता है। 

माँ ने अपने परिवार मेसे किसी को कुच दिन अपने साथ रहने के लिये बुलाया लेकिन वो भी ऐसी आवाज सुनके चले गये। अब माँ को भी अपना घर छोड़ देना पडा और किसी भाड़े के घर मे रहना पडा। 

दोस्तो यह पूरी तरहा से सच्च है आभि भी उस घर मे आवाज सुनाई देती है। वहा पे कोई रहने के लिये नही जाना चाहता है। आपको ये कहानी कैसी लगी हमे कमेंट करके बताये। 

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